Om Jai Jagdish Hare Lyrics in Hindi – सम्पूर्ण आरती, अर्थ और महत्व

भारत में जब भी भगवान श्री हरि विष्णु जी की आरती की बात होती है, तो अधिकांश लोगों के मन मे सबसे पहले जो भजन आता है वह है  "ॐ जय जगदीश हरे" । यह आरती करोड़ों श्रद्धालुओं द्वारा प्रतिदिन घरों, मंदिरों और धार्मिक आयोजनों में गाई जाती है। इसकी मधुर धुन और सरल शब्द भक्तों को भगवान के प्रति समर्पण और श्रद्धा का अनुभव कराते हैं।

Om Jai Jagdish Hare Lyrics


इस लेख में हम Om Jai Jagdish Hare Lyrics in Hindi, आरती का अर्थ, धार्मिक महत्व तथा इसे गाने के लाभों के बारे में विस्तार से जानने का प्रयास करेंगे। हरि बोल । 


Om Jai Jagdish Hare Lyrics in Hindi

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट,
क्षण में दूर करे॥

जो ध्यावे फल पावे, दुःख बिनसे मन का।
सुख सम्पत्ति घर आवे,
कष्ट मिटे तन का॥

मात पिता तुम मेरे, शरण गहूँ मैं किसकी।
तुम बिन और न दूजा,
आस करूँ जिसकी॥

तुम पूर्ण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी।
पारब्रह्म परमेश्वर,
तुम सबके स्वामी॥

तुम करुणा के सागर, तुम पालनकर्ता।
मैं मूरख  खल कामी,
कृपा करो भर्ता॥

तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूँ दयामय,
तुमको मैं कुमति॥

दीनबन्धु दुःखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।
अपने हाथ उठाओ,
द्वार पड़ा तेरे॥

विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ,
सन्तन की सेवा॥

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट,
क्षण में दूर करे॥


Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics  का अर्थ

इस आरती में भगवान श्री हरि विष्णु जी की महिमा का वर्णन किया गया है। भक्त भगवान को अपना माता-पिता, रक्षक और पालनहार मानते हुए उनसे अपने दुखों को दूर करने की प्रार्थना करता है।

आरती का मुख्य संदेश यह है कि ईश्वर की सच्ची भक्ति और श्रद्धा से जीवन के संकट कम होते हैं तथा मन को शांति प्राप्त होती है।


Om Jai Jagdish Hare आरती का धार्मिक महत्व

1. भगवान विष्णु की आराधना

यह आरती मुख्य रूप से भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है और उनकी कृपा प्राप्त करने का माध्यम है।

2. घर में सकारात्मक ऊर्जा

नियमित रूप से आरती गाने से घर का वातावरण भक्तिमय और सकारात्मक बनता है।

3. मानसिक शांति

आरती के शब्द मन को एकाग्र करने और तनाव कम करने में सहायता करते हैं।

4. पारिवारिक सुख-समृद्धि

मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक इस आरती का पाठ करने से परिवार में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।


Om Jai Jagdish Hare कब गानी चाहिए?

  • सुबह और शाम की पूजा के समय
  • भगवान विष्णु की आराधना के दौरान
  • सत्यनारायण कथा के बाद
  • धार्मिक उत्सवों और भजन संध्या में
  • एकादशी और विशेष व्रतों के अवसर पर

Om Jai Jagdish Hare आरती गाने के लाभ

  • मन में सकारात्मक विचार उत्पन्न होते हैं।
  • ईश्वर के प्रति श्रद्धा और विश्वास बढ़ता है।
  • मानसिक तनाव कम होता है।
  • घर में आध्यात्मिक वातावरण बनता है।
  • भक्ति और आत्मिक शांति की अनुभूति होती है।

Om Jai Jagdish Hare भारत की सबसे लोकप्रिय आरतियों में से एक है। इसके सरल शब्द, मधुर भाव और गहन आध्यात्मिक संदेश इसे हर आयु वर्ग के लोगों के बीच प्रिय बनाते हैं। यदि आप नियमित रूप से इस आरती का पाठ करते हैं, तो यह आपके मन को शांति और ईश्वर के प्रति समर्पण की भावना प्रदान कर सकती है।


FAQs

1. Om Jai Jagdish Hare किस भगवान की आरती है?

यह आरती मुख्य रूप से भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है।

2. Om Jai Jagdish Hare आरती कब गानी चाहिए?

सुबह और शाम की पूजा, सत्यनारायण कथा तथा धार्मिक आयोजनों में इसे गाया जाता है।

3. क्या Om Jai Jagdish Hare आरती रोज गा सकते हैं?

हाँ, श्रद्धापूर्वक इसका दैनिक पाठ किया जा सकता है।

4. Om Jai Jagdish Hare आरती का मुख्य संदेश क्या है?

ईश्वर के प्रति समर्पण, श्रद्धा और उनके संरक्षण की प्रार्थना इसका मुख्य संदेश है।

5. क्या इस आरती से मानसिक शांति मिलती है?

भक्तों का विश्वास है कि नियमित आरती और भजन से मन को शांति तथा सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।

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