Ramayan Song: भरत सम नहीं दुजा कोई त्यागी - Ravindra Jain Lyrics
| Singer | Ravindra Jain |
Bharat Sam Nahi Duja Koi Tyagi Lyrics in Hindi
भरत सम नहीं दुजा कोई त्यागी
भरत सम नहीं दुजा कोई त्यागी
राम लखन सिया वन में
भरत भये घर ही में बैरागी
भरत सम नहीं दुजा कोई त्यागी
भूषण बसन भूब सुख भोरे
मन तन बचन तजेतन तोरे
कहीं पुन बसत भरत बीनू रागा
चँचरित जीवी चंपक बागा
जेही अनुराग विराग का संगम बैरागी
अनुरागी भरत सम नहीं दुजा कोई त्यागी
भरत सम नहीं दुजा कोई त्यागी
नंदी गाँव करी बरन कुटीरा
किंह निवास धरम धुरि धीरा
जाटा जुट सिर मुनि पट धारी
मही खन कुशसा खरी सवारी
बशन बसन बासन ब्रित नेमा
किन्हें रघुवर लागी
भरत सम नहीं दुजा कोई त्यागी
भरत सम नहीं दुजा कोई त्यागी
नीत पूजत प्रभु पावरे
प्रीत न हृदय समात
माँगी माँगी रसु करत राज काज बहु भाँति
भरत सम नहीं दुजा कोई त्यागी
भरत सम नहीं दुजा कोई त्यागी
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