Achyutam Keshavam Krishna Damodaram Lyrics in Hindi and English | सम्पूर्ण भजन, अर्थ और महत्व
Achyutam Keshavam Krishna Damodaram Lyrics
भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित "अच्युतम् केशवम् कृष्ण दामोदरम्" एक अत्यंत लोकप्रिय और मधुर भजन है। यह भजन भक्तों के हृदय में भगवान श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम, श्रद्धा और भक्ति की भावना जगाता है। इसकी सरल भाषा और मधुर धुन इसे भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर के कृष्ण भक्तों के बीच बेहद प्रिय बनाती है।
यदि आप Achyutam Keshavam Krishna Damodaram Lyrics in Hindi and English खोज रहे हैं, तो यहां आपको सम्पूर्ण भजन के बोल, उसका अर्थ और आध्यात्मिक महत्व पढ़ने को मिलेगा।
Achyutam Keshavam Krishna Damodaram Lyrics in English
Achyutam Keshavam Krishna Damodaram-Bhajan Lyrics In English Font
Achyutam Keshavam Krishna DamodaramRama Naraynam Janaki Vallabham
Kaun Kehta Hai Bhagvan Aate NahiTum Meera Ke Jaise Bulate Nahi
Achyutam Keshavam Krishna DamodaramRama Naraynam Janakivallabham
Kaun Kehta Hai Bhagvan Khaate NahiBer Shabri Ke Jaise Khilate Nahi
Achyutam Keshavam Krishna DamodaramRama Naraynam Janaki Vallabham
Kaun Kehta Hai Bhagvan Sote NahiMaa Yashoda Ke Jaise Sulate Nahin
Achyutam Keshavam Krishna DamodaramRama Naraynam Janaki Vallabham
Kaun Kehta Hai Bhagvan Nachthe NahiGopiyo Ki Tarah Tum Nachathae Nahi
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Achyutam Keshavam Krishna Damodaram Lyrics in Hindi
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं भजन लिरिक्स
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,राम नारायणं जानकी बल्लभम।
कौन कहता हे भगवान आते नहीं,तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं।
कौन कहता है भगवान खाते नहीं,बेर शबरी के जैसे खिलाते नहीं।
कौन कहता है भगवान सोते नहीं,माँ यशोदा के जैसे सुलाते नहीं।
कौन कहता है भगवान नाचते नहीं,गोपियों की तरह तुम नचाते नहीं।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,राम नारायणं जानकी बल्लभम।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,राम नारायणं जानकी बल्लभम।
नाम जपते चलो काम करते चलो,हर समय कृष्ण का ध्यान करते चलो।
याद आएगी उनको कभी ना कभी,कृष्ण दर्शन तो देंगे कभी ना कभी।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,राम नारायणं जानकी बल्लभम।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,राम नारायणं जानकी बल्लभम।
भजन का अर्थ
इस भजन में भगवान विष्णु और भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न नामों का स्मरण किया गया है।
- अच्युत – जो कभी अपने स्वरूप से विचलित न हों।
- केशव – भगवान विष्णु का एक पवित्र नाम।
- कृष्ण – प्रेम और करुणा के प्रतीक।
- दामोदर – जिनके उदर पर माता यशोदा ने रस्सी बांधी थी।
- राम – मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम।
- नारायण – समस्त सृष्टि के पालनकर्ता।
- जानकी वल्लभ – माता सीता के प्रिय भगवान श्रीराम।
भजन यह संदेश देता है कि यदि भक्त सच्चे प्रेम और श्रद्धा से भगवान को पुकारे, तो भगवान अवश्य उसकी सहायता करते हैं। मीरा, शबरी और यशोदा माता के उदाहरण इसी सत्य को दर्शाते हैं।
Achyutam Keshavam Bhajan का आध्यात्मिक महत्व
1. भक्ति की शक्ति का संदेश
यह भजन बताता है कि भगवान तक पहुंचने का सबसे सरल मार्ग निष्काम भक्ति है।
2. भगवान हर भक्त के साथ हैं
मीरा, शबरी और यशोदा के उदाहरण बताते हैं कि भगवान अपने भक्तों के प्रेम से बंध जाते हैं।
3. मन को शांति प्रदान करता है
इस भजन का नियमित श्रवण और गायन मानसिक तनाव को कम कर मन में सकारात्मकता भरता है।
4. परिवार में आध्यात्मिक वातावरण बनाता है
सुबह और शाम के समय इस भजन का पाठ घर में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
Achyutam Keshavam Bhajan कब गाना चाहिए?
- प्रातःकालीन पूजा के समय
- संध्या आरती के दौरान
- जन्माष्टमी पर
- श्रीकृष्ण भक्ति कार्यक्रमों में
- ध्यान और भजन-संध्या के समय
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Achyutam Keshavam Bhajan किस भगवान को समर्पित है?
यह भजन मुख्य रूप से भगवान श्रीकृष्ण और भगवान विष्णु को समर्पित है।
क्या इस भजन का प्रतिदिन पाठ किया जा सकता है?
हाँ, इसका प्रतिदिन पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
Achyutam Keshavam Bhajan का मुख्य संदेश क्या है?
सच्ची श्रद्धा और प्रेम से भगवान को पुकारने पर वे अपने भक्त की सहायता अवश्य करते हैं।
"Achyutam Keshavam Krishna Damodaram" केवल एक भजन नहीं बल्कि भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा, प्रेम और समर्पण का संदेश है। मीरा, शबरी और यशोदा माता के उदाहरण हमें बताते हैं कि भगवान अपने भक्तों के प्रेम से बंध जाते हैं। यदि इस भजन का नियमित रूप से गायन किया जाए, तो मन को शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक आनंद की प्राप्ति होती है।
जय श्री कृष्ण! राधे राधे!

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