Jagannath Swami Nayana Pathagami Lyrics in Hindi | सम्पूर्ण स्तोत्र एवं अर्थ
भगवान जगन्नाथ की यह प्रसिद्ध स्तुति जगन्नाथाष्टकम् का हिस्सा है। "जगन्नाथः स्वामी नयन-पथ-गामी भवतु मे" पंक्ति भक्तों के बीच अत्यंत लोकप्रिय है। इस लेख में आप Jagannath Swami Nayana Pathagami Lyrics, अर्थ, महत्व और लाभ पढ़ेंगे।
रचना: जगन्नाथाष्टकम्
समर्पित: भगवान जगन्नाथ
भाषा: संस्कृत
लाभ: मानसिक शांति, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा
Jagannath Swami Nayana Pathagami Lyrics
कदाचित् कालिन्दी-तट-विपिन-सङ्गीत-करवो
मुदा गोपी-नारी-वदन-कमलास्वाद-मधुपः।
रमा-शम्भु-ब्रह्मामर-पति-गणेशार्चित-पदो
जगन्नाथः स्वामी नयन-पथ-गामी भवतु मे॥१॥
भुजे सव्ये वेणुं शिरसि शिखि-पिञ्छं कटि-तटे
दुकूलं नेत्रान्ते सहचर-कटाक्षं विदधते।
सदा श्रीमद्-वृन्दावन-वसति-लीला-परिचयो
जगन्नाथः स्वामी नयन-पथ-गामी भवतु मे॥२॥
महाम्भोधेस्तीरे कनक-रुचिरे नील-शिखरे
वसन् प्रासादान्तः सहज-बलभद्रेण बलिना।
सुभद्रा-मध्यस्थः सकल-सुर-सेवावसरदो
जगन्नाथः स्वामी नयन-पथ-गामी भवतु मे॥३॥
कृपा-पारावारः सजल-जलद-श्रेणी-रुचिरो
रमा-वाणी-रामः स्फुरदमल-पङ्केरुह-मुखः।
सुरेन्द्रैराराध्यः श्रुति-गण-शिखा-गीत-चरितो
जगन्नाथः स्वामी नयन-पथ-गामी भवतु मे॥४॥
रथारूढो गच्छन् पथि मिलित-भूदेव-पटलैः
स्तुति-प्रादुर्भावं प्रतिपदमुपाकर्ण्य सदयः।
दयासिन्धुर्बन्धुः सकल-जगतां सिन्धु-सुतया
जगन्नाथः स्वामी नयन-पथ-गामी भवतु मे॥५॥
परब्रह्मापीडः कुवलय-दलोत्त्फुल्ल-नयनः
निवासी नीलाद्रौ निहित-चरणोऽनन्त-शिरसि।
रसानन्दो राधा-सरस-वपुरालिङ्गन-सुखो
जगन्नाथः स्वामी नयन-पथ-गामी भवतु मे॥६॥
न वै याचे राज्यं न च कनक-माणिक्य-विभवं
न याचेऽहं रम्यां सकल-जन-काम्यां वर-वधूम्।
सदा काले काले प्रमथ-पतिना गीत-चरितो
जगन्नाथः स्वामी नयन-पथ-गामी भवतु मे॥७॥
हर त्वं संसारं द्रुततरमसारं सुरपते
हर त्वं पापानां विततिमपरां यादवपते।
अहो दीनानाथं निहितमचलं निश्चित-पदं
जगन्नाथः स्वामी नयन-पथ-गामी भवतु मे॥८॥
Jagannath Swami Nayana Pathagami Meaning in Hindi
"जगन्नाथः स्वामी नयन-पथ-गामी भवतु मे" का अर्थ है— हे जगत के स्वामी भगवान जगन्नाथ! आप सदैव मेरी दृष्टि, मेरे हृदय और मेरे जीवन-पथ में बने रहें।
जगन्नाथ स्वामी स्तुति का महत्व
- भगवान के प्रति समर्पण की भावना विकसित करती है।
- मन को शांति और स्थिरता प्रदान करती है।
- भक्ति एवं आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाती है।
- सकारात्मक सोच विकसित करने में सहायक मानी जाती है।
पाठ करने के लाभ
- मानसिक तनाव कम होता है।
- आध्यात्मिक उन्नति में सहायता मिलती है।
- भगवान जगन्नाथ की कृपा प्राप्त होती है।
- मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
- भक्ति और श्रद्धा में वृद्धि होती है।
पाठ करने का सर्वोत्तम समय
- प्रातःकाल स्नान के बाद
- संध्या आरती के समय
- एकादशी एवं गुरुवार को
- रथयात्रा के दौरान
FAQ - Jagannath Swami Nayana Pathagami Lyrics
1. Jagannath Swami Nayana Pathagami किस स्तोत्र का भाग है?
यह जगन्नाथाष्टकम् का हिस्सा है।
2. इसका अर्थ क्या है?
हे भगवान जगन्नाथ! आप सदैव मेरी दृष्टि और जीवन के मार्ग में बने रहें।
3. क्या इसका दैनिक पाठ किया जा सकता है?
हाँ, श्रद्धा के साथ प्रतिदिन इसका पाठ किया जा सकता है।
4. इसका पाठ करने से क्या लाभ होता है?
मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।
5. भगवान जगन्नाथ का मुख्य मंदिर कहाँ स्थित है?
भारत के ओडिशा राज्य के पुरी धाम में।
निष्कर्ष
Jagannath Swami Nayana Pathagami Lyrics भक्तों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक और आध्यात्मिक स्तुति है। इसका नियमित पाठ मन को शांति, भक्ति और भगवान जगन्नाथ के प्रति प्रेम से भर देता है।

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