Shiv Chalisa Lyrics in Hindi | सम्पूर्ण शिव चालीसा, अर्थ, लाभ एवं पूजा विधि

Shiv Chalisa Lyrics in Hindi

Shiv Chalisa Lyrics in Hindi

भगवान शिव की आराधना करने वाले करोड़ों भक्त प्रतिदिन Shiv Chalisa Lyrics खोजते हैं। यदि आप भी शिव चालीसा पढ़ना चाहते हैं या उसके महत्व, अर्थ और लाभ के बारे में जानना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी है।

📝Shiv Chalisa Lyrics in Hindi

 

।।दोहा।।

श्री गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।
कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥
जय गिरिजा पति दीन दयाला। सदा करत सन्तन प्रतिपाला॥
भाल चन्द्रमा सोहत नीके। कानन कुण्डल नागफनी के॥



अंग गौर शिर गंग बहाये। मुण्डमाल तन छार लगाये॥
वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे। छवि को देख नाग मुनि मोहे॥


मैना मातु की ह्वै दुलारी। बाम अंग सोहत छवि न्यारी॥
कर त्रिशूल सोहत छवि भारी। करत सदा शत्रुन क्षयकारी॥

नन्दि गणेश सोहै तहँ कैसे। सागर मध्य कमल हैं जैसे॥
कार्तिक श्याम और गणराऊ। या छवि को कहि जात न काऊ॥

देवन जबहीं जाय पुकारा। तब ही दुख प्रभु आप निवारा॥
किया उपद्रव तारक भारी। देवन सब मिलि तुमहिं जुहारी॥

तुरत षडानन आप पठायउ। लवनिमेष महँ मारि गिरायउ॥
आप जलंधर असुर संहारा। सुयश तुम्हार विदित संसारा॥

त्रिपुरासुर सन युद्ध मचाई। सबहिं कृपा कर लीन बचाई॥
किया तपहिं भागीरथ भारी। पुरब प्रतिज्ञा तसु पुरारी॥

दानिन महं तुम सम कोउ नाहीं। सेवक स्तुति करत सदाहीं॥
वेद नाम महिमा तव गाई। अकथ अनादि भेद नहिं पाई॥

प्रगट उदधि मंथन में ज्वाला। जरे सुरासुर भये विहाला॥
कीन्ह दया तहँ करी सहाई। नीलकण्ठ तब नाम कहाई॥

पूजन रामचंद्र जब कीन्हा। जीत के लंक विभीषण दीन्हा॥
सहस कमल में हो रहे धारी। कीन्ह परीक्षा तबहिं पुरारी॥

एक कमल प्रभु राखेउ जोई। कमल नयन पूजन चहं सोई॥
कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर। भये प्रसन्न दिए इच्छित वर॥

जय जय जय अनंत अविनाशी। करत कृपा सब के घटवासी॥
दुष्ट सकल नित मोहि सतावै । भ्रमत रहे मोहि चैन न आवै॥

त्राहि त्राहि मैं नाथ पुकारो। यहि अवसर मोहि आन उबारो॥
लै त्रिशूल शत्रुन को मारो। संकट से मोहि आन उबारो॥

मातु पिता भ्राता सब कोई। संकट में पूछत नहिं कोई॥
स्वामी एक है आस तुम्हारी। आय हरहु अब संकट भारी॥

धन निर्धन को देत सदाहीं। जो कोई जांचे वो फल पाहीं॥
अस्तुति केहि विधि करौं तुम्हारी। क्षमहु नाथ अब चूक हमारी॥

शंकर हो संकट के नाशन। मंगल कारण विघ्न विनाशन॥
योगी यति मुनि ध्यान लगावैं। नारद शारद शीश नवावैं॥

नमो नमो जय नमो शिवाय। सुर ब्रह्मादिक पार न पाय॥
जो यह पाठ करे मन लाई। ता पार होत है शम्भु सहाई॥

ॠनिया जो कोई हो अधिकारी। पाठ करे सो पावन हारी॥
पुत्र हीन कर इच्छा कोई। निश्चय शिव प्रसाद तेहि होई॥

पण्डित त्रयोदशी को लावे। ध्यान पूर्वक होम करावे ॥
त्रयोदशी ब्रत करे हमेशा। तन नहीं ताके रहे कलेशा॥

धूप दीप नैवेद्य चढ़ावे। शंकर सम्मुख पाठ सुनावे॥
जन्म जन्म के पाप नसावे। अन्तवास शिवपुर में पावे॥
कहे अयोध्या आस तुम्हारी। जानि सकल दुःख हरहु हमारी॥

॥दोहा॥
नित्त नेम कर प्रातः ही, पाठ करौं चालीसा।
तुम मेरी मनोकामना, पूर्ण करो जगदीश॥
मगसर छठि हेमन्त ॠतु, संवत चौसठ जान।
अस्तुति चालीसा शिवहि, पूर्ण कीन कल्याण॥ 


Shri Shiv CHalisa Lyrics in English:


|| Doha || 

Shri Ganesh Girija Suvan, Mangal Mool Sujaan. 

Kahat Ayodhyadas Tum, Dehu Abhay Vardaan ||

Jai Girija Pati Deen Dayala. 

Sada Karat Santan Pratipala || 

Bhaal Chandrama Sohat Neeke. 

Kanan Kundal Nagphani Ke || 

Ang Gaur Shir Gang Bahaye. 

Mundmaal Tan Chhaar Lagaye || 

Vastra Khaal Baghambar Sohe. Chhavi Ko Dekh Naag Muni Mohe || 

Maina Maatu Ki Hvai Dulari. Baam Ang Sohat Chhavi Nyari || 

Kar Trishul Sohat Chhavi Bhari. Karat Sada Shatrun Kshaykari || 

Nandi Ganesh Sohai Tahan Kaise. Sagar Madhya Kamal Hain Jaise || 

Kartik Shyam Aur Ganraau. Yaa Chhavi Ko Kahi Jaat Na Kaau || 

Devan Jabahin Jaay Pukara. Tab Hi Dukh Prabhu Aap Nivara || 

Kiya Upadrav Tarak Bhari. Devan Sab Mili Tumhin Juhari || 

Turat Shadanana Aap Pathayau. Luvnimesh Mahan Maari Girayau || 

Aap Jalandhar Asur Sanhara. Suyash Tumhaar Vidit Sansara || 

Tripurasur San Yuddh Machaayi. Sabahin Kripa Kar Leen Bachaayi || 

Kiya Tapahin Bhagirath Bhari. Purab Pratigya Tasu Purari || 

Daanin Mahan Tum Sam Kou Nahin. Sevak Stuti Karat Sadahin || 

Veda Naam Mahima Tav Gaayi. Akath Anadi Bhed Nahin Paayi || 

Pragat Udadhi Manthan Mein Jwala. Jare Surasur Bhaye Vihala || 

Keenha Daya Tahan Kari Sahayi. Neelkanth Tab Naam Kahayi || 

Poojan Ramchandra Jab Keenha. Jeet Ke Lank Vibhishan Deenha || 

Sahas Kamal Mein Ho Rahe Dhaari. Keenha Pariksha Tabahin Purari || 

Ek Kamal Prabhu Rakheu Joi. Kamal Nayan Poojan Chahan Soi || 

Kathin Bhakti Dekhi Prabhu Shankar. Bhaye Prasann Diye Ichchhit Var || 

Jai Jai Jai Anant Avinashi. Karat Kripa Sab Ke Ghatvasi || 

Dusht Sakal Nit Mohi Sataavai. Bhramat Rahe Mohi Chain Na Aavai || 

Trahi Trahi Main Naath Pukaro. Yahi Avsar Mohi Aan Ubaro || 

Lai Trishul Shatrun Ko Maaro. Sankat Se Mohi Aan Ubaro || 

Maatu Pita Bhrata Sab Koi. Sankat Mein Poochat Nahin Koi || 

Swami Ek Hai Aas Tumhari. Aay Harahu Ab Sankat Bhari || 

Dhan Nirdhan Ko Det Sadahin. Jo Koi Jaanche Vo Phal Paahin || 

Astuti Kehi Vidhi Karaun Tumhari. Kshamahu Naath Ab Chook Hamari || 

Shankar Ho Sankat Ke Nashan. Mangal Kaaran Vighna Vinashan || 

Yogi Yati Muni Dhyan Lagaavain. Narad Sharad Sheesh Navaavain || 

Namo Namo Jai Namo Shivaya. Sur Brahmadik Paar Na Paay || 

Jo Yah Paath Kare Man Laayi. Taa Paar Hot Hai Shambhu Sahaayi || 

Riniya Jo Koi Ho Adhikari. Paath Kare So Paavan Haari ||

 Putra Heen Kar Ichchha Koi. Nishchay Shiv Prasad Tehi Hoi || 

Pandit Trayodashi Ko Laave. Dhyan Poorvak Hom Karave || 

Trayodashi Brat Kare Hamesha. Tan Nahin Taake Rahe Kalesha || 

Dhoop Deep Naivedya Charhaave. Shankar Sammukh Paath Sunaave || 

Janma Janma Ke Paap Nasaave. Antavaas Shivpur Mein Paave || 

Kahe Ayodhya Aas Tumhari. Jaani Sakal Dukh Harahu Hamari ||

|| Doha || 

Nitt Nem Kar Pratah Hi, Paath Karaun Chalisa. Tum Meri Manokamna, Poorna Karo Jagdeesh ||

 Magsar Chhathi Hemant Ritu, Samvat Chausath Jaan. Astuti Chalisa Shivahi, Poorna Keen Kalyan ||


 

 

Shri Shiv Chalisa Information

विवरणजानकारी
रचनाशिव चालीसा
आराध्य देवभगवान शिव
भाषाहिंदी
श्रेणीचालीसा
पाठ का समयप्रातःकाल या संध्या
विशेष दिनसोमवार, महाशिवरात्रि, सावन

Shiv Chalisa Ka Arth

शिव चालीसा भगवान भोलेनाथ की महिमा का सुंदर वर्णन करती है। इसमें भगवान शिव के करुणामय स्वरूप, उनकी दिव्य शक्तियों, भक्तवत्सल स्वभाव तथा संसार के कल्याण के लिए उनके योगदान का स्मरण किया जाता है।

चालीसा का नियमित पाठ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मिक शांति प्राप्त करने का भी एक माध्यम माना जाता है। जब कोई श्रद्धा और विश्वास के साथ इसका पाठ करता है, तो उसका मन एकाग्र होता है और भगवान शिव के प्रति भक्ति और गहरी होती जाती है।

शिव चालीसा में भगवान शिव को संहारक नहीं बल्कि पुनर्निर्माण और परिवर्तन के देवता के रूप में भी देखा जाता है। यह संदेश देती है कि जीवन में कठिनाइयों के बाद भी नई शुरुआत संभव है।


Shiv Chalisa Ka Mahatva

हिंदू धर्म में शिव चालीसा का विशेष महत्व माना जाता है।

इसके माध्यम से भक्त भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नियमित पाठ करने से व्यक्ति में सकारात्मक सोच विकसित होती है और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति मिलती है।

विशेष रूप से सावन माह, सोमवार और महाशिवरात्रि के अवसर पर शिव चालीसा का पाठ अत्यंत शुभ माना जाता है।


Shiv Chalisa Padhne Ke Labh

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नियमित शिव चालीसा पाठ से—

  • मन को शांति मिलती है।
  • भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।
  • आत्मविश्वास बढ़ता है।
  • नकारात्मक विचार कम होते हैं।
  • आध्यात्मिक उन्नति में सहायता मिलती है।
  • घर का वातावरण सकारात्मक बनता है।
  • नियमित भक्ति की आदत विकसित होती है।

Shiv Chalisa Kab Padhna Chahiye?

आप निम्न अवसरों पर शिव चालीसा का पाठ कर सकते हैं—

  • प्रतिदिन सुबह
  • प्रतिदिन शाम
  • प्रत्येक सोमवार
  • सावन मास
  • महाशिवरात्रि
  • प्रदोष व्रत
  • किसी भी शुभ कार्य से पहले

Shiv Chalisa Padhne Ki Vidhi

यदि आप घर पर शिव चालीसा का पाठ करना चाहते हैं तो यह सरल विधि अपनाएँ—

1. स्नान करें

स्वच्छ होकर भगवान शिव की पूजा करें।

2. शिवलिंग या भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित करें

यदि संभव हो तो शिवलिंग के सामने बैठें।

3. दीपक एवं धूप जलाएँ

घी का दीपक शुभ माना जाता है।

4. जल अर्पित करें

शिवलिंग पर जल, दूध या गंगाजल अर्पित करें (यदि आपकी परंपरा में प्रचलित हो)।

5. शिव चालीसा का श्रद्धापूर्वक पाठ करें

धीरे-धीरे और ध्यानपूर्वक पाठ करें।

6. अंत में आरती करें

आरती के बाद प्रसाद ग्रहण करें।


भगवान शिव का संक्षिप्त परिचय

भगवान शिव हिंदू धर्म के प्रमुख देवताओं में से एक हैं और उन्हें त्रिदेवों में संहार एवं परिवर्तन का देव माना जाता है। उनका निवास कैलाश पर्वत माना जाता है। माता पार्वती उनकी अर्धांगिनी हैं तथा भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय उनके पुत्र हैं।

भगवान शिव को भोलेनाथ, महादेव, शंकर, नीलकंठ, रुद्र और पशुपतिनाथ जैसे अनेक नामों से जाना जाता है। उनकी सरलता और करुणा के कारण उन्हें शीघ्र प्रसन्न होने वाला देव भी माना जाता है।


Shiv Chalisa Aur Mahamrityunjaya Mantra Mein Antar

Shiv ChalisaMahamrityunjaya Mantra
भगवान शिव की स्तुतिवैदिक मंत्र
40 चौपाइयों की रचनाएक शक्तिशाली मंत्र
दैनिक पाठ में लोकप्रियविशेष जप और अनुष्ठानों में अधिक प्रयोग
भक्ति पर आधारितमंत्र साधना पर आधारित

Shiv Chalisa Kis Din Sabse Adhik Padi Jati Hai?

सबसे अधिक पाठ इन अवसरों पर किया जाता है—

  • सोमवार
  • सावन का महीना
  • महाशिवरात्रि
  • प्रदोष व्रत
  • श्रावण सोमवार

Related Shiv Bhajans & Stotras

यदि आपको शिव चालीसा पसंद है, तो आप यह भी पढ़ सकते हैं—

  • Shiv Tandav Stotram
  • Mahamrityunjaya Mantra
  • Rudrashtakam
  • Om Namah Shivaya Mantra
  • Lingashtakam
  • Bilvashtakam

Frequently Asked Questions (FAQ)

Q1. Shiv Chalisa किसने लिखी?

लोकप्रिय मान्यता के अनुसार शिव चालीसा का श्रेय गोस्वामी तुलसीदास जी को दिया जाता है, हालांकि इस विषय पर विभिन्न मत भी मिलते हैं।

Q2. Shiv Chalisa कब पढ़नी चाहिए?

प्रातःकाल, संध्या, सोमवार, सावन और महाशिवरात्रि के दिन विशेष रूप से।

Q3. क्या महिलाएँ शिव चालीसा पढ़ सकती हैं?

हाँ, श्रद्धा और भक्ति के साथ कोई भी शिव चालीसा का पाठ कर सकता है।

Q4. क्या प्रतिदिन शिव चालीसा पढ़ना अच्छा माना जाता है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नियमित पाठ शुभ माना जाता है।

Q5. क्या शिव चालीसा और महाशिवरात्रि का विशेष संबंध है?

हाँ, महाशिवरात्रि के अवसर पर अनेक भक्त शिव चालीसा का पाठ करते हैं।

Q6. शिव चालीसा पढ़ने में कितना समय लगता है?

सामान्य गति से लगभग 8–12 मिनट।

Q7. क्या शिव चालीसा बिना पूजा के पढ़ सकते हैं?

हाँ, श्रद्धा और एकाग्रता के साथ किसी भी समय पढ़ी जा सकती है।

Q8. क्या सावन में रोज़ शिव चालीसा पढ़नी चाहिए?

कई भक्त सावन में प्रतिदिन इसका पाठ करते हैं। यह व्यक्तिगत श्रद्धा और परंपरा पर निर्भर करता है।


Conclusion

Shiv Chalisa Lyrics भगवान भोलेनाथ की भक्ति का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। यदि आप नियमित रूप से श्रद्धा और विश्वास के साथ शिव चालीसा का पाठ करते हैं, तो यह आपकी आध्यात्मिक यात्रा को और भी सशक्त बना सकता है। साथ ही, इसका अर्थ समझकर पाठ करने से भक्ति का अनुभव और अधिक गहरा हो सकता है।

हर हर महादेव! 🔱

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